NRI Kya Hota Hai| NRI Full Form in Hindi

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NRI क्या होता है

हमारे देश के अनेक नागरिक रोजगार अथवा उच्च शिक्षा ग्रहण करनें हेतु विदेशो में रह रहे है, इनमें से कुछ भारतीय नागरिक विदेश में ही बस जाते है और उस देश की नागरिकता प्राप्त कर लेते है, ऐसे लोगो को एनआरआई कहा जाता है| भारत के अनेक ऐसे महान व्यक्तित्व है, जो विदेशो में रहकर कुछ ऐसे कार्य करते है, जिसके कारण भारत का नाम बड़े ही गर्व से लिया जाता है| हालाँकि विदेशो में अधिकांश भारतीय शिक्षा ग्रहण करनें के उद्देश्य से ही जाते है, और ऐसे छात्रों की संख्या में निरंतर वृद्धि देखनें को मिल रही है|  NRI कौन होते है, NRI का मतलब और इसके फुल फॉर्म के बारें में आपको यहाँ विस्तार से जानकारी दे रहे है|

NRI Kya Hota Hai

एनआरआई का फुल फॉर्म (Full Form Of NRI)

एनआरआई (NRI) फुल फार्म नॉन रेसिडेंट ऑफ इंडियन (Non- Resident Indian) होता है| एनआरआई को हिंदी में  “प्रवासी भारतीय” कहते है|

एनआरआई किसे कहते है

यदि कोई भारतीय व्यक्ति भारत को छोड़कर किसी अन्य देश में रहकर उस देश की नागरिकता अपना लेता है, ऐसे व्यति को एनआरआई कहते है| पूरे विश्व में यह नियम है, कि कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी देश का निवासी हो, वह सिर्फ एक ही देश की नागरिकता प्राप्त कर सकता है। यदि व्यक्ति के पास किसी अन्य देश की भी नागरिकता होती है, तो उस पर कानूनी कार्यवाही करने का प्राविधान है।  

एनआरआई की परिभाषा (Definition of NRI)

भारत सरकार द्वारा एनआरआई की परिभाषा इस प्रकार है-

‘अनिवासी भारतीय’ (एनआरआई) का अर्थ ऐसे वैयक्तिक नागरिक होंगे जो भारत के बाहर रहते हैं और भारत के नागरिक हैं या जो नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7(ए) के दायरे में ‘विदेशी भारतीय नागरिक’ कार्डधारक हैं। जिन व्यक्तियों के पास ‘भारतीय मूल के व्यक्ति’ का कार्ड है और जो 19 अगस्त, 08.2002 को केन्द्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना नंबर 26011/4/98 के तहत पंजीकृत हैं, उन्हें ‘विदेशी भारतीय नागरिक कार्डधारक’ माना जाएगा।

‘फेमा नियमों की अनुसूची 4 के तहत भारत से बाहर रहने वाले व्यक्तियों द्वारा हस्तांतरित या जारी की जाने वाली प्रतिभूतियों के संदर्भ में किया जाने वाला निवेश भारत में रहने वाले निवासियों द्वारा किए जाने वाले घरेलू निवेश की तरह ही माना जाएगा।’

इसके अलावा फेमा नियमों की अनुसूची 4 के तहत भारत से बाहर रहने वाले व्यक्तियों द्वारा हस्तांतरित या जारी की जाने वाली प्रतिभूतियों के संदर्भ में किया जाने वाला निवेश भारत में रहने वाले निवासियों द्वारा किए जाने वाले घरेलू निवेश की तरह ही माने जाने के विषय में उल्लेखनीय है कि इससे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति और स्पष्ट होगी तथा इसके तहत किया जाने वाला निवेश विदेशी निवेश के वर्ग में शामिल नहीं होगा।

आधार कार्ड की अनिवार्यता (Aadhar Card Essentials)

ऐसे भारतीय नागरिक जो विदेशों में रह रहे है, परन्तु उनके पास आधार कार्ड नहीं है उन्हें भारत आकर ही आधार कार्ड बनवाना होगा, क्योंकि भारत में सभी नागरिको के लिए आधार कार्ड बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है| हालाँकि आधार कार्ड को नागरिकता के साथ नहीं जोड़ा जाता है |  

एनआरआई टैक्सेशन (NRI Taxation)

फेमा के प्रावधानों के अंतर्गत NRI को Tax के नियमों में छूट प्रदान की जाती है। NRI को भारत से प्राप्त होनें वाली Income पर Tax भारत में ही देना होता है, जबकि विदेशो में होनें वाली आय पर भारत में टैक्स नहीं देना है|

एनआरआई स्टेटस (NRI Status)

आयकर विभाग द्वारा एनआरआई स्टेटस निर्धारित किया जाता है| विभाग द्वारा यह स्टेटस  भारत में रहने के समय के अनुसार निर्धारित किया जाता है, जिसमें यह जानकारी प्राप्त कि जाती है, कि अमुख व्यक्ति का विदेश में रहनें का उद्देश्य क्या है। यदि वह व्यक्ति 182 दिन से अधिक समय तक भारत में रहता है, तो वह रेसिडेंट कहलाएगा।

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