प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना क्या है- Prepaid Meter Yojana Kya Hai ?

प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना

बिजली की समस्या से हम सभी अच्छी तरह से वाकिफ है, देश में रहनें वाले नागरिको के साथ-साथ बिजली विभाग भी अनेक प्रकार की समस्याओं से ग्रसित है| जिसमें मुख्य रूप से बिजली की चोरी और कुछ नागरिको द्वारा समय पर बिल का भुगतान न किया जाना है| इस प्रकार की समस्याओं को देखते हुए सरकार द्वारा अनेक प्रयास जारी है| इसी क्रम में  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नें  मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दूसरे बजट को पेश करते हुए बजट में उर्जा नीति को लेकर कई बड़े ऐलान किए हैं। इन्‍हीं में से एक योजना प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना (Prepaid Smart Meter Yojana) है। प्रीपेड स्‍मार्ट मीटर योजना 2020 के अंतर्गत पूरे देश में अगले 3 वर्षों के दौरान सभी परंपरागत बिजली मीटरों को पूरी तरह प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बदल दिया जाएगा। आईये जानते है, प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना क्या है, लाभ, उद्देश्य और खर्च से सम्बंधित पूरी जानकारी के बारें में|   

प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना क्या है

प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना क्या है[/caption]

प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना क्या है (Prepaid Smart Meter Scheme)

नये स्मार्ट मीटर पूरी तरह प्रीपेड प्रणाली पर कार्य करेंगें, अर्थात आप अपने घर में लगे मीटर को जितना पैसा देकर रिचार्ज करायेंगें, उतनी ही बिजली आपको मिलेगी। इस सुविधा में आपको अपने मोबाइल फोन की तरह ही अपने बिजली के मीटर को रि-चार्ज करवाना होता है।आप जितने का रिचार्ज करवाएँगे आपकी लाइट रिचार्ज के अनुसार चलेगी । रिचार्ज समाप्त होनें पर स्वतः आपकी लाइट बंद हो जाएगी ।

इस सुविधा के लागू होने के बाद न तो आपको बिजली का बिल और न ही मीटर रीडर की ही कोई आवश्यकता होगी, साथ ही होनें वाली बिजली की चोरी पर रोक लगेगी । ऐसे में बिजली विभाग वेवजह के खर्च जैसे- कागज और कर्मचारियों की बचत होगी| सरकार की 1 अप्रैल 2019 से 3 वर्षों में सभी मीटरों को स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बदलनें का लक्ष्य निर्धारित किया है।

pre-paid electric meter kya hai

प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना का उद्देश्य (Purpose Of Prepaid Smart Meter)

Ads


  • वर्तमान समय में बिजली चोरी की समस्या सबसे बड़ी समस्या है। जिसका समाधान प्रीपैड मीटर के माध्यम से किया जा सकता है|
  • स्मार्ट मीटरों में चोरी करने पर बिजली विभाग को स्पस्ट रूप से जानकरी हो जाएगी की  मीटर में छेड़छाड़ की गई है, जिसका साक्ष्य भी मीटर में उपलब्ध होगा।
  • प्रीपेड स्मार्ट बिजली मीटरों के लगनें से सरकारी अफसरों, जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों के द्वारा बिजली का भुगतान समय पर किया जा सकेगा, क्योकि अगर बिजली का उपयोग करनें के लिए उन्हे पहले अपनी आवश्यकता के अनुसार रीचार्ज कराना होगा।
  • इससे आने वाले समय में बिजली की दरों में भी कमी आएगी, जिससे सस्ती बिजली सभी को मिल सकेगी।
  • बिजली वितरण में होने वाले हानि में भी इस प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना से कमी आएगी जो एक बहुत बड़ी समस्या है।

प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना से लाभ (Benefit Of Prepaid Smart Meter Scheme)

  • प्रीपेड मीटर लगने के बाद बिजली चोरी पूर्ण रूप से बंद हो जाएगी।
  • उपभोक्‍ताओं को बिना किसी रूकावट के 24 घंटे बिजली मिल सकेगी।
  • लोगों द्धारा कटिया आदि डालने की आदत पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
  • आप जितना रिचार्ज करायेंगें, उतनी ही बिजली आपको मिलेगी।
  • पैसा समाप्त होते ही मीटर आपके घर की बिजली सप्‍लाई तत्काल बंद कर देगा।
  • मीटर रिचार्ज करते ही मीटर घर के अंदर बिजली की सप्‍लाई जारी हो जाएगी।
  • स्‍मार्ट प्रीपेड मीटर योजना 2020 के अंतर्गत बिजली उपभोक्‍ता स्वेच्छा से बिजली सप्लायर चुनने की आज़ादी होगी, अर्थात आप जिस कंपनी से बिजली लेना चाहते हैं, उस कंपनी की बिजली आपको मिलेगी। 
  • बिजली वितरण कंपनियों को फायदा यह होगा कि उन्हें बिजली बिल का एक बड़ा हिस्सा एडवांस में मिलेगा क्योंकि महीने की शुरुआत में अधिकांश ग्राहकों के लिए बिजली मीटर को रीचार्ज करना होगा। 
  • वोल्टेज कम होने या फिर बिजली सप्लाई ठप होने पर उपभोक्ताओं को शिकायत करने के लिये कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह काम अब घर में लगा स्मार्ट मीटर कर देगा। स्मार्ट मीटर सीधे ही रिमोर्ट कंट्रोल सेंटर में सिग्नल भेज देगा। 

प्रीपेड स्मार्ट मीटर का खर्च (Expense Prepaid Smart Meter)

Ads


प्रीपेड स्मार्ट मीटर का खर्च पर सरकार द्वारा कई विकल्‍पों पर विचार किया जा रहा है, अभी तक इस मीटर की कोई कीमत निर्धारित नही की गयी है| इन विकल्पों के अंतर्गत  इसमें एक विकल्प यह है, कि ग्राहकों को बिजली कनेक्शन के साथ स्मार्ट मीटर मिले और इसकी कीमत को बिजली की मासिक दर के साथ लिया जाए।

केंद्र सरकार ने वर्ष 2017 में 50 लाख प्रीपेड मीटर का आर्डर दिया था, जिसमें प्रति मीटर का खर्च 2,503 रूपये आया था, परन्तु अब पूरे भारत में स्‍मार्ट प्रीपेड मीटर लगाये जाएंगें, इसलिये आर्डर भी बड़ा होगा। भारत सरकार के द्धारा दिया जाने वाला सबसे बड़ा आर्डर करीब 30 करोड़ मीटर का होगा। इसलिये सरकार ने नये प्रीपेड मीटर की अनुमानित लागत 2000 रूपये प्रति मीटर है।

Leave a Comment

X