राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी क्या है

राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी

इन दिनों देशभर में  कोरोना संकट के बीच राशनकार्ड पोर्टेबिलिटी की चर्चा हो रही है| निर्धन व गरीब लोगो के मिले वाले अनाज की कालाबाजारी से हम सभी अच्छी तरह से वाकिफ है| इस कालाबाजारी को रोकनें के लिए सरकार नए-नए तरीके निकलती रहती है, जिससे भ्रष्टचार पर लगाम लगाया जा सके | इसी दिशा में सरकार नें एक बड़ा कदम उठाते हुए राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी सिस्टम लागू कर दिया है, इसे देश के 15 से अधिक राज्यों ने मंजूरी भी दे दी है| इस सिस्टम के अंतर्गत आप किसी भी शहर में और किसी भी दुकान से राशन ले सकेंगे। लेकिन सवाल है कि ये क्या है, और इसका फायदा आम लोगों को कैसे मिलेगा ? आइए, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं|

ration card portability kya hai

राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी क्या है  (What Is Ration Card Portability Yojana) 

केंद्र सरकार द्वारा 1 जून 2020 से एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड योजना को लागू किया जा रहा है| इस योजना के लागू होने के बाद नए और पुरानें राशन कार्डधारक देश में किसी भी राशन की दुकान से कहीं भी राशन खरीद सकेंगे। जिस तरह मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) करते हैं, वैसे ही अब राशन कार्ड को भी पोर्ट कराया जा सकेगा| मोबाइल पोर्ट में आपका नंबर नहीं बदलता है और आप देशभर में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं| इसी प्रकार राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी में आपका राशन कार्ड नहीं बदलेगा, अर्थात यदि आप एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते हैं, तो अपने राशन कार्ड का इस्तेमाल करके दूसरे राज्य से भी सरकारी राशन खरीद सकते हैं.

उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 17 राज्यों ने राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी को लागू कर दिया है. इसे लागू करने वालों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, गोवा, झारखंड और त्रिपुरा जैसे राज्य भी शामिल हैं| यह योजना देशभर में 1 जून 2020 से लागू हो जाएगी| राज्य सरकार ने बाराबंकी, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ व बाराबंकी में पायलट के तहत राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी योजना लागू की गई थी। इसके तहत लगभग 5 लाख लोगों ने दूसरी दुकानों से राशन खरीदा था। यहां परीक्षण सफल रहने के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया गया है।

राशनकार्ड पोर्टेबिलिटी से लाभ (Ration Card Portability Benefit)

देश भर में रोजगार की तलाश में अपना स्थान बदलनें वाले श्रमिकों को इसका सीधा लाभ प्राप्त होगा| लोगो को यह लाभ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत दिया जा रहा है|  इस पहल को मोटे तौर पर कई प्रवासी लाभार्थियों जैसे कि मजदूरों, दैनिक मजदूरों, ब्लू-कॉलर श्रमिकों आदि के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, जो देश भर में रोजगार की तलाश में अक्सर अपना निवास स्थान बदलते हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत लोगों को यह फायदा दिया जा रहा है।

गांवों में प्रधान और शहरों में पार्षद, सभासद से कोटेदारों के मजबूत गठजोड़ के चलते गरीबों को अनाज मिलने में अक्सर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वहीं जब गरीब आदमी रोजगार की आस में पलायन करता है, तो उसे अपने कोटे का राशन मिलनें में असुविधा होती है। राशन पोर्टबिलिटी शुरू होने के बाद कोटेदारों का एकाधिकार समाप्त हो जाएगा, इससे गरीबों को प्रत्यक्ष लाभ होगा।

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