Social Distancing क्या है | सोशल डिस्टेंस का मतलब

सोशल डिस्टेंस (Social Distancing) का मतलब

इस समय भारत सहित पूरी दुनिया कोरोना वायरस (Covid-19) का सामना कर रही है। कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के इन दिनों में सोशल डिस्टेंसिंग अर्थात  सामाजिक तौर पर शारीरिक दूरी बनाए रखने की कड़ी हिदायत दी जा रही है, क्योंकि इस लड़ाई में सबसे प्रभावी हथियार यही है। सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने के लिए इसलिए कहा जा रहा है, ताकि तेजी से फैल रहे इस वायरस के संक्रमण को रोका जा सके। कोरोनावायरस एक ऐसी संक्रामक बीमारी है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत तेजी से फैलती है, परन्तु इससे संक्रमित होनें वाले व्यक्ति को 10 से 15 दिनों बाद इसका पता चलता है। लोगों के मन में इस महामारी को लेकर दहशत फैली हुई हैं, क्योंकि अभी तक इसके उपचार का पता नहीं चला है। इस महामारी से बचने का केवल एक ही इलाज सोशल डिस्टैन्सिंग (Social Distancing) है ? आईये जानते है, कि सोशल डिस्टैन्सिंग क्या है और इसका क्या मतलब है?

सोशल डिस्टैन्सिंग क्या है ? (What is social distancing)

सोशल डिस्टैन्सिंग (Social Distancing) का अर्थ है, लोगों से दूरी बनाकर रहना है, अर्थात एक व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखना है और लोग एक-दूसरे के संपर्क में आने से बचना है। कोरोनावायरस एक संक्रामक बीमारी है, इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति जब खुले में छींकता या खांसता है, तो उसके मुँह से कुछ कीटाणु निकलते हैं और उसके पास बैठा व्यक्ति जब साँस लेता है तब यह उसके मुँह के द्वारा उसके शरीर में प्रवेश करता है। यदि आप उस बीमार व्यक्ति से एक उचित दूरी बना कर रखेंगे तो आप इस महामारी से बच सकते है,  लोगों से दूरी बनाकर रहना ही सोशल डिस्टैन्सिंग (Social Distancing) कहलाता है। सोशल डिस्टैन्सिंग के अंतर्गत यदि आपको बेहद आपात स्थिति में घर से बाहर निकलना पद रहा है, तो आप ऐसी स्थिति में सामने वाले से तीन से छह फीट तक की दूरी बनाकर रखे|

सोशल डिस्टैन्सिंग क्यों जरुरी है (Why Is Social Distancing Important) 

कोरोना वायरस अर्थात कोविड-19 के बढ़ते हुए खतरे से लोगो को बचानें के लिए   सोशल डिस्टैन्सिंग एक अहम् निर्णय है| एक रिपोर्ट के अनुसार सोशल डिस्टैन्सिंग के तरीके से किसी भी संक्रमण जैसी बीमारी को काफी हद तक कम किया जा सकता है, इसलिए  आज सोशल डिस्टैन्सिंग एक उपाय के रूप में दिख रहा है | चूँकि ऐसा ना करने वाले कई बड़े देशो को इसका काफी नुक्सान उठाना पड़ा है, प्रारम्भ में जिन देशो नें इसे नजर-अंदाज किया, आज उनकी स्थिति बहुत ही दयनीय है |

सोशल डिस्टैन्सिंग कैसे बनाए रखे (How To Maintain Social Distancing)

  • किसी आवश्यक कार्य हेतु घर से बाहर जाने पर मास्क का इस्तेमाल अवश्य करे।
  • किसी भी परिचित व्यक्ति से हाथ ना मिलाए उनसे दूर से नमस्कार करे और दूसरे लोगों से उचित दूरी बनाए रखे|
  • अपने साथ सैनिटाइजर जरूर रखें और खाना खाने से पहले इसका इस्तेमाल जरूर करे।
  • बाहर से आने के बाद अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोए।
  • यदि कहीं भीड़ लगी है तो वहां जाने से बचें, क्योंकि आपको ये नहीं पता की कौन-सा व्यक्ति कोरोनावायरस से संक्रमित है।
  • मेहमानों को घरों में बुलाने से बचे और स्वयं भी किसी के घर जाएं।
  • घर पर रहनें के उपरांत प्रतिदिन व्यायाम या योग करे, ऐसा करने से भी आप मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ महसूस करेंगे।

कोरोना वायरस से लड़ने का एक मात्र विकल्प सोशल डिस्टैन्सिंग (Social Distancing) है, इसलिए सोशल डिस्टैन्सिंग को आप जितना फॉलो करेंगे यह उतना ही आपके और आपके पूरे परिवार के लिए अच्छा होगा। यदि सोशल डिस्टैन्सिंग नहीं होगी तो कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकना असंभव हो जायेगा|  इसी बात को ध्यान में रखते हुए संपूर्ण लॉकडाउन किया गया है, ताकि लोग एक दूसरे के संपर्क में आने से बचे|

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